PLI Scheme के तहत पहली विदेशी कंपनी को मिलेगा इंसेंटिव का लाभ, Foxconn के लिए 357 करोड़ मंजूर – Zee Business हिंदी

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को लेकर सरकार PLI स्कीम का फायदा देती है. फॉक्सकॉन इंडिया पहली विदेशी कंपनी होगी जिसे इस स्कीम के तहत इंसेंटिव का लाभ मिलेगा. इसके अलावा Dixon Technologies सब्सिडियरी Padget Electronics को भी इंसेंटिव का लाभ दिया गया है. एप्पल की सप्लायर Foxconn India के लिए 357.17 करोड़ रुपए और डिक्सन टेक्नोलॉजीज की सब्लिडियरी पैजेट इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 58.29 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है.
यह पहला मौका है जब सरकार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी किसी वैश्विक कंपनी के लिए प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है. नीति आयोग ने यह जानकारी दी है. फॉक्सकॉन इंडिया ताइवान की मल्टी नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर है. इसका मुख्यालय न्यू ताइपे सिटी में है.
📱पहली बार किसी विदेशी कंपनी #Foxconn को PLI की मंजूरी,

Dixon Technologies की सब्सिडियरी को भी PLI#PLI पाने की योग्यता क्या?

मोबाइल फोन बनाने के लिए इंसेंटिव की मंजूरी, जानिए पूरी डिटेल्स @Nupurkunia से.. #StockMarket #StocksInFocus

📺#ZeeBusiness👉https://t.co/NRMljn32Wa pic.twitter.com/ifcs0JykEx

सितंबर, 2022 तक बड़े पैमाने के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग (लार्ज स्केल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग) के लिए चलाई गई पीएलआई योजना (PLI Scheme) के तहत 4784 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित किया गया है. इससे 80,769 करोड़ रुपए के निर्यात सहित 2,03,952 करोड़ रुपए का उत्पादन हुआ है.
इस स्कीम के कारण मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में बंपर तेजी आई है. 2014-15 में देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग 6 करोड़ था जो जो वित्त वर्ष 2021-22 में बढ़कर 31 करोड़ पर पहुंच गया. उस वित्त वर्ष में भारत ने 45 हजार करोड़ का मोबाइल फोन निर्यात किया.
 
(भाषा इनपुट के साथ)

source