Kisan Pushkar Scheme: कृषि ड्रोन एप्लीकेशन को मिली मंजूरी, 31 मार्च तक तय किया बेचने का लक्ष्य, चलाने के लिए मिल रही ट्रेनिंग – Krishi Jagran Hindi

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देश के किसानों की आर्थिक रूप से मदद करने के लिए सरकार कुछ न कुछ नया प्लान तैयार करती रहती है. इसी कड़ी में अब सरकार ने किसान पुष्कर स्कीम के तहत आवेदन की गई 150 कृषि ड्रोन एप्लीकेशन को मंजूरी दे दी है और साथ ही कई किसानों को इसे चलाने के लिए ट्रेनिंग भी दी जा रही है.
खेती-किसानी के कामों में जब से नई-नई तकनीकों की मशीनों ने एंट्री ली है. तब से खेत से संबंधित सभी कार्यों को करना बहुत ही सरल बन गया है. किसान अब खेत के बड़े से बड़े कामों को उन्नत तकनीक की मशीनों से मिनटों में पूरा कर लेते हैं.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खेती-बाड़ी में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले कृषि ड्रोन (Agriculture Drone) है, जिसे आज के समय में ज्यादातर किसान अपने खेत में छिड़काव और फसल पर सही तरीके से निगरानी रखने के लिए उपयोग में ला रही है. इसी सिलसिले में कृषि ड्रोन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ड्रोन के 150 एप्लीकेशन को मंजूरी दे दी है. ताकि किसानों को इनकी मदद से अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके. 
सरकार ने किसान पुष्कर स्कीम (Kisan Pushkar Scheme) के तहत आवेदन की गई यूनियन बैंक के 150 ड्रोन एप्लीकेशन को मंजूरी दी है और साथ ही इस सिलसिले में साल 2023 के लिए एक लक्ष्य भी तय किया है.  दरअसल, सरकार 31 मार्च 2023 तक देश के किसान भाइय़ों तक 5,000 ड्रोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है. बता दें कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने कई तरह की तैयारियां भी की हैं, जिसमें से एक ड्रोन पर सरकार की तरफ से लोन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है. इसके अलावा सरकार इस बात पर भी जोर दे रही है कि जिन किसानों को अभी तक तकनीकों से नहीं जोड़ा गया है उन्हें भी आधुनिक खेती से जो़ड़ा जाएगा और इसके लिए उन्हें सरकार से अच्छी सब्सिडी व अन्य कई लाभ प्राप्त होंगे
जैसे कि आप जानते हैं कि भारत सरकार ने फरवरी 2022 में लगभग 100 कृषि ड्रोन को हरी झंडी दिखा दी थी. तभी से देश के किसानों को ड्रोन इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए किसानों को समय-समय पर जानकारी भी दी जा रही है. इसी क्रम में सरकार कई लक्ष्य भी तय कर रही है. यह भी बताया जा रहा है कि आने वाले 6 महीने में सरकार लगभग 100 देशों को 10,000 ड्रोन का निर्यात करेगी.
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किसान खेत में ड्रोन की मदद से सही तरीके से कार्य कर पाएं इसके लिए किसानों को उचित ट्रेनिंग भी दी जा रही है. बता दें कि गरुण एयरोस्पेस ड्रोन की ट्रेनिंग के लिए लगभग 1 लाख युवा और किसानों के लिए ट्रेनिंग देना भी चालू कर दिया है. 
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