Draupadi Murmu | कौन है भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू

कौन है भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू  Draupadi Murmu

द्रौपदी मुर्मू जी 25 जुलाई 2022 को भारत की 15 वी राष्ट्रपति बनी है. वे इस पद पर चुनी जाने वाली पहली आदिवासी महिला नेता है. उन्हें  राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा के खिलाफ भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया था

द्रौपदी मुर्मू  का जन्म: 20 जून 1958 में हुआ वो एक भारतीय राजनीतिज्ञ और 18 मई 2015 से झारखंड की राज्यपाल रही। वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल थी। वह वर्ष 2000 और 2004 में ओडिशा की पूर्व मंत्री और रायरंगपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थीं। वह ओडिशा की पहली महिला नेता हैं जिन्हें भारतीय राज्य में राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया है।

ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी और बीजू जनता दल गठबंधन सरकार के दौरान, वह 6 मार्च, 2000 से 6 अगस्त, 2002 तक वाणिज्य और परिवहन के लिए स्वतंत्र प्रभार और 6 अगस्त, 2002 से मई तक मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री थीं।Draupadi Murmu

Draupadi Murmu का जन्म

द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम बिरंची नारायण टुडू है। वह संथाल परिवार से ताल्लुक रखती हैं। ज्योतिषियों के अनुसार द्रौपदी मुर्मू की राशि मिथुन है ।

Draupadi Murmu का राजनैतिक सुरुवात

श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन एंड रिसर्च, रायरंगपुर में मानद सहायक प्रोफेसर के रूप में और फिर ओडिशा के सिंचाई विभाग में एक कनिष्ठ सहायक के रूप में काम करने के बाद, वह 1997 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं।

पहली आदिवासी राष्ट्रपति उम्मीदवार Draupadi Murmu

द्रौपदी मुर्मू को राष्‍ट्रपति पद के लिए बीजेपी ने अपना उम्‍मीदवार घोषित किया है। द्रौपदी मुर्मू अगर टक्‍कर में सफल हुईं तो वह देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति होंगी।

Draupadi Murmu जीवन परिचय

  • 20 जून, 1958 को ओडिशा में मयूरभंज के एक आदिवासी परिवार में जन्म
  • रामादेवी महिला कॉलेज भुवनेश्वर से स्नातक किया
  • 1979 से 1983 तक सिंचाई और बिजली विभाग, ओडिशा सरकार में जूनियर असिस्टेंट के रूप में कार्य किया
  • 1994 से 1997 तक श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर, रायरंगपुर में शिक्षक रही
  • 2000 से 2004 तक ओडिशा सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में ट्रांसपोर्ट एवं वाणिज्य विभाग संभाला
  • 2002 से 2004 तक ओडिशा सरकार के राज्यमंत्री के रूप में पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग को संभाला
  • 2002 से 2009 तक भाजपा के एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रही
  • 2006 से 2009 तक भाजपा के एसटी मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रही
  • 2007 में ओडिशा विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए ‘नीलकंठ पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया
  • 2013 से अप्रैल 2015 तक एसटी मोर्चा, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रही
  • 2015 से 2021 तक झारखंड की माननीय राज्यपाल रही