Best 25 Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi , मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी

Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi, मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी

मिर्जा गालिब साहब का जन्म आगरा में 27 दिसंबर 1797 में हुआ था |  मिर्जा गालिब जी का पूरा नाम मिर्जा असद उल्लाह बैग का उर्फ ग़ालिब था | इस पोस्ट में,मिर्जा गालिब साहब की कुछ चुनिंदा (Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi) शायरियां आपके लिए लाए हैं। अगर   यह पोस्ट कैसी लगी हमें जरूर बताइएगा !

मिर्जा गालिब का नाम उनके हर चाहने वाले के दिल पर आज भी उसी प्यार से राज करता है, जिस तरह उनके जमाने में किया करता था । एक बार जरूर पढियेगा मिर्जा गालिब साहब की कुछ बेहतरीन शायरियां जो आपका दिल छू लेगी ।

Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi

जब लगा था तीर तब इतना दर्द न हुआ ग़ालिब
ज़ख्म का एहसास तब हुआ जब कमान देखी अपनों के हाथ में।

खैरात में मिली ख़ुशी मुझे अच्छी नहीं लगती ग़ालिब,
मैं अपने दुखों में रहता हु नवावो की तरह।

हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन,
दिल के खुश रखने को ग़ालिब ये ख़याल अच्छा हैं।

Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi

गुज़र रहा हू यहाँ से भी गुज़र जाउँगा..
मै वक़्त हू कहीं ठहरा तो मर जाउँगा !!!

Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi

उन के देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़
वो समझते है की बीमार का हाल अच्छा है

Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi

Mirza Ghalib Shayari in Hindi

इश्क़ पर जोर नहीं है ये वो आतिश ‘ग़ालिब’
कि लगाये न लगे और बुझाये न बुझे

Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi
मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का।
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले।

मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी

Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi
तुम न आओगे तो मरने की हैं सौ तदबीरें,
मौत कुछ तुम तो नहीं है कि बुला भी न सकूं।
 
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Mirza ghalib Shayari in Hindi 2 Lines

कितना ख़ौफ होता है शाम के अंधेरों में।
पूछ उन परिंदों से जिनके घर नहीं होते।
काबा किस मुँह से जाओगे ‘ग़ालिब’। शर्म तुम को मगर नहीं आती।।

ज़िन्दगी से हम अपनी कुछ उधार नही लेते, 
कफ़न भी लेते है तो अपनी ज़िन्दगी देकर।

  दर्द जब दिल में हो तो दवा कीजिए, 
दिल ही जब दर्द हो तो क्या कीजिए।

मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब यह न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी बेवफा हो जाएगी

खुद को मनवाने का मुझको भी हुनर आता है मैं वह कतरा हूं समंदर मेरे घर आता है

mirza ghalib shayari in hindi

बे-वजह नहीं रोता इश्क़ में कोई ग़ालिब
जिसे खुद से बढ़ कर चाहो वो रूलाता ज़रूर है

तोड़ा कुछ इस अदा से तालुक़ उस ने ग़ालिब
के सारी उम्र अपना क़सूर ढूँढ़ते रहे

Mirza Ghalib Poetry 

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर  ख़्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले 

दर्द देकर सवाल करते हो।
तुम भी ग़ालिब कमाल करते हो।।
देखकर पूछ लिया हाल मेरा।
चलो कुछ तो ख़याल करते हो

Mirza Ghalib Quotes

इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं

बे-ख़ुदी बे-सबब नहीं ‘ग़ालिब’ कुछ तो है जिस की पर्दा-दारी है

 

Note: – Heart Touching Mirza Ghalib Shayari in Hindi  कैसी लगी आप सबको प्लीज कमेंट करके जरूर बताएं और हमारे द्वारा लिखे गए  आर्टिकल में आपको कोई भी कमी नजर आती है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं हम उसमें सुधार करके अपडेट कर देंगे | अगर आपको हमारे आर्टिकल पसंद आए तो इसे Facebook,  Instagram WhatsApp और अपने दोस्तों में जरूर शेयर करें !

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