Akshay Tritiya सबसे ज्यादा शादियां होती है अक्षय तृतीया को | Akshay Tritya Muhurat

Akshay Tritiya सबसे ज्यादा शादियां होती है अक्षय तृतीया को | AkshayTritya Muhurat | Kyo Manate Ha Akshay Tritya

Akshay Tritiya भारत में सबसे अच्छी चीजों में से एक यह है कि यहां बहुत सारे त्यौहार हैं। और हर एक का कुछ महत्व है और इसके पीछे बहुत सारा इतिहास होता है। इनमें से अक्षय तृतीया, एक व्यापक रूप से मनाया जाने वाला त्योहार है।

इसे देश के कुछ हिस्सों में आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। कुछ नया, बड़ा या कुछ भी खरीदना शुरू करने के लिए यह सबसे शुभ दिनों में से एक है। अक्षय तृतीया 2022 वैशाख माह के शुक्ल पक्ष के दौरान तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन का महत्व सुबह शाम तक रहता है।

अक्षय तृतीया के दिन का महत्व , Akshay Tritya

अक्षय तृतीया के दिन का महत्व और इसे कैसे मनाया जाता है, इसके बारे में और जानने के लिए पढ़ें।

संस्कृत में अक्षय शब्द का अर्थ  जो कभी समाप्त नहीं होता है  यह शुभ और तरक्की का प्रतीक है। इसलिए इस दिन सोना खरीदने, नया घर खरीदना शुभ फलदायी माना जाता  है।

इसके अलावा, यदि आप अक्षय तृतीया के दिन कोई नया व्यवसाय शुरू करते हैं, तो यह निश्चित रूप से फलदायी होता है।

इस दिन भगवान विष्णु और उनकी देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं ताकि उनका आशीर्वाद जीवन भर मिलता रहे।

क्यो माना जाता है अक्षय तृतीया का दिन शुभ

अक्षय तृतीया से जुड़ी कई पौराणिक कहानियां हैं एक कृष्ण और सुदामा की कहानी है। दोनों बचपन के दोस्त थे। जब वे छोटे थे, सुदामा ने कृष्ण के हिस्से का भोजन किया था।

बड़े होने पर भी उसे यह बात याद थी। बड़े होने पर जब सुदामा को आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी और उन्होंने सहायता के लिए अपने मित्र के पास जाने का निश्चय किया। वह कृष्ण को देने के लिए एक मुट्ठी चावल इस उम्मीद में ले गया कि वह उससे मदद मांग सकता है।

हालाँकि, कृष्ण अपने पुराने दोस्त को देखकर खुश हो गए,मगर सुदामा उनसे कुछ भी पूछने की हिम्मत नहीं जुटा सके और बस घर वापस चले गए। परन्तु जब वह अपने घर पहुंचा, तो वह सोने और धन से भरा हुआ था।

अक्षय तृतीया की भगवान परशुराम की कहानी

अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, वह वह व्यक्ति था जिसने 21 बार धरती को छत्रिय विहीन किया था।

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान परशुराम ने बाण चला कर गुजरात से लेकर केरला तक समुद्र को पिछे धकेल ते हुए नई भूमि का निर्माण किया।

अक्षय तृतीया के दिन को भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।

अक्षय तृतीया के दिन ही सुरु होती है जगन्नाथ रथ यात्रा

इसके अलावा, ओडिशा में पुरी के जगन्नाथ मंदिर में प्रतिवर्ष होने वाली रथ यात्रा इसी दिन शुरू होती है। कुल मिलाकर, जहां तक ​​हिंदू पौराणिक कथाओं की बात है, अक्षय तृतीया के महत्व का बहुत महत्व है, खासकर यदि आप इस वर्ष समृद्धि, सौभाग्य की शुरुआत का दिन कहते हैं।

इस साल कब है अक्षय तृतीया Akshay Tritya ?

इस वर्ष 2022 में अक्षय तृतीया  3 मई को है। इस पर्व का शुभ मुहूर्त सुबह 5:18 बजे से शुरू होकर अगले दिन 4 मई को सुबह 7 बजकर 32 मिनट पर तक होगा।

क्यो होती है अक्षय तृतीया के दिन शादियां

वर्ष में तीन चंद्र दिन शुभ माने जाते हैं। एक नया साल है, जो मार्च और अप्रैल के महीनों के बीच आता है। दूसरा अक्टूबर और नवंबर के बीच है, जो विजयादशमी का दिन है। और आखिरी है अक्षय तृतीया। यह दिन अप्रैल और मई के महीनों के बीच होता है। ये तीनो दिन शुभ कार्यो के अभुझ है यानी किसी भी ज्योतिष अचार्य से बिना पूछे  शादी विवाह जैसे शुभ कार्य कर सकते है।

अक्षय तृतीया के शुभकामना संदेश Akshay Tritya

आपके घर में धन की बरसात हो
लक्ष्मी क वास हो
संकटों का नाश हो
शान्ति का वास हो
हैप्पी अक्षय तृतीया

 

सोने का रथ, चांदी की पालकी
बैठकर जिसमें लक्ष्मी मां है आई
देने आपके परिवार को खुशियां और अक्षय तृतीया की बधाई
अक्षय तृतीया की बधाई

 

इस अक्षय तृतीया पर,
आपको हर वो खुशी मिले,
जिसकी आपने इच्छा की है,
आपको और आपके परिवार को
अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं..

 

इस अक्षय तृतीया भगवान की कृपा आप पर बनी रहे,
आपको जीवन में सारी खुशियां मिलें।
आपके जीवन में कभी कोई दुख न आए,
अक्षय तृतीया की ढेर सारी शुभकामनाएं।

अक्षय तृतीया संदेश

दिनों दिन बढ़ता जाए आपका कारोबार,
परिवार में बना रहे स्नेह और प्यार,
होती रहे सदा आप पर धन की बौछार,
ऐसा हो आपका अक्षय तृतीया का त्यौहार,
अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं।

Akshay Tritya

आपके घर में धन की बरसात हो,
लक्ष्मी का वास हो,
संकटों का नाश हो,
शांति का वास हो,
हैप्पी अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया इमेज

सोने का रथ, चांदी की पालकी
बैठकर जिसमें लक्ष्मी मां हैं आईं
देने आपके परिवार को अक्षय तृतीया की बधाई।