खुशखबरी! अब से मछुआरों-मछली पालकों को भी मिलेंगे 4500 रुपए, ये … – ABP न्यूज़

By: ABP Live | Updated at : 11 Oct 2022 08:26 PM (IST)

मछली पालन (फाइल तस्वीर)
Relief-cum-Savings Scheme: मानसून के दिन ग्रामीण आबादी के लिये काफी भारी साबित होते हैं. तेज बारिश (Rain Loss) के चलते फसलों, पशुओं और मछलियों में भी नुकसान की संभावनायें बढ़ जाती है. फसलों के लिये तो किसानों को मुआवजा (Crop Loss Compensation) मिल जाता है, लेकिन मछली पालन और नदी में मछलियों का शिकार करने वाले मछुआरों को खुद ही नुकसान की भरपाई करनी पड़ती है.
मछली पालकों (Fish farmer) और मछुआरों को ऐसे ही आर्थिक संकट से निकालने के लिये अब बिहार सरकार आगे आई है. अब राज्य के मछुआरों को मछली पालन (Fish Farming) के लिये प्रतिबंधित महीनों में 4,500 रुपये का सहायतानुदान दिया जायेगा. इस योजना के तहत केंद्र सरकार भी राज्य सरकार के साथ मिलकर अंशदान (Subsidy on Fish Farming) देगी. ये योजना नदियों में शिकारमाही करने वाले गरीबी रेखा से नीचे के मछुआरों के लिये वरदान साबित होगी.
मछली पालन के लिये प्रतिबंधित महीनों में अनुदान
जाहिर है कि मौसम की अनिश्चितताओं के कारण जून से लेकर अगस्त तक मछुआरों को तेज बारिश तो कभी गर्म हवा और लू का सामना करना पड़ता है. इन्हीं महीनों में नदियां उफान पर भी होती है, इसलिये नदियों में शिकारमाही करने वाले मछुआरों को भी जान-माल का खतरा बना रहता है. 
वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए ’’राहत-सह-बचत’’ योजनान्तर्गत आवेदन आमंत्रित किये जात हैं।
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग(मत्स्य) pic.twitter.com/fRt5puzeDy

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इन मछली किसानों को मिलेगा फायदा
बिहार राज्य सरकार (Bihar Government) की राहत-सह-बचत योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे के मछुआरों को राहत प्रदान की जायेगी. 
यहां करें आवेदन
बिहार राज्य सरकार की राहत-सह-बचत योजना (Relief-cum-Savings scheme) के तहत सालाना 4,500 रुपये के सहायतानुदान का लाभ लेने के लिये Fishries.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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